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रक्षाबंधन से शुरू होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा, इंदौर से दौड़ेंगी पहली बसें; प्रदेशभर में 5206 बसों के संचालन की तैयारी

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THE NewsBar | भोपाल। मध्यप्रदेश में वर्षों बाद राज्य परिवहन व्यवस्था की वापसी का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने “मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा” को चरणबद्ध तरीके से शुरू करने का फैसला किया है। सरकार का लक्ष्य है कि आगामी रक्षाबंधन पर्व पर प्रदेश की लाड़ली बहनें राज्य परिवहन की बसों में सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा कर सकें।

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में राज्य परिवहन सेवा बंद हो जाने से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बसों की कमी के कारण लोगों को मजबूरी में लोडिंग वाहनों और असुरक्षित साधनों से यात्रा करनी पड़ती थी। अब प्रदेश सरकार इस समस्या का स्थायी समाधान लेकर आई है।

इंदौर संभाग से होगी शुरुआत

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के संचालक मंडल की बैठक में निर्णय लिया गया कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई-बस सेवा के तहत बस संचालन की शुरुआत सबसे पहले इंदौर संभाग से की जाएगी।

इंदौर से प्रदेश के विभिन्न जिलों को जोड़ने वाली इंटरसिटी बसों के साथ-साथ शहर और उपनगरीय क्षेत्रों के लिए सिटी बसों का संचालन होगा। इसके अलावा महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और उत्तरप्रदेश के लिए अंतर्राज्यीय बस सेवाएं भी शुरू की जाएंगी।

150 इलेक्ट्रिक बसें भी उतरेंगी सड़कों पर

बैठक में बताया गया कि पीएम ई-बस सेवा के तहत इंदौर शहर में जुलाई माह से 150 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन प्रस्तावित है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ आधुनिक और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।

प्रदेशभर में 1164 मार्गों पर चलेंगी 5206 बसें

राज्य सरकार ने पूरे मध्यप्रदेश को इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, जबलपुर और रीवा सहित सात परिवहन क्षेत्रों में विभाजित किया है। इन क्षेत्रों में कुल 1164 मार्गों की पहचान की गई है, जिन पर चरणबद्ध तरीके से 5206 बसों का संचालन किया जाएगा।

इंदौर क्षेत्र में ही कुल 250 मार्गों पर 1688 बसों के संचालन की योजना बनाई गई है। वहीं प्रदेशभर में कुल 620 इंटरसिटी मार्गों पर 2432 बसें संचालित होंगी।

निजी बस संचालकों पर नहीं पड़ेगा असर

सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई परिवहन व्यवस्था से वर्तमान में संचालित निजी बसों के परमिट और संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। निजी बसें पूर्ववत अपनी सेवाएं देती रहेंगी, जबकि राज्य परिवहन सेवा अतिरिक्त सुविधा के रूप में काम करेगी।

1190 नए पदों को मंजूरी

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के प्रभावी संचालन के लिए राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी और सात क्षेत्रीय सहायक कंपनियों का गठन किया गया है। इनके लिए कुल 1190 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है, जिन्हें अगले चार वर्षों में चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा।

सुरक्षित और सुगम यात्रा पर रहेगा फोकस

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बस मार्गों पर यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा, बस स्टैंड और आवश्यक जनसुविधाओं की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के हर वर्ग को सुरक्षित, सुलभ और आधुनिक परिवहन उपलब्ध कराने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता और संकल्प के साथ कार्य कर रही है।

यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो इस रक्षाबंधन पर मध्यप्रदेश की बहनों को राज्य परिवहन की बसों का तोहफा मिलेगा और प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के नए युग की शुरुआत होगी।

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