THE NewsBar | शुभम नांदेकर, नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने देश की परीक्षा प्रणाली को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार एक ओर भारत को “विश्वगुरु” बनाने के दावे करती है, वहीं दूसरी ओर छात्रों के भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण परीक्षाएं भी निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से आयोजित नहीं करा पा रही है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब ने स्वीकार किया कि CUET-UG 2026 परीक्षा के दौरान कुछ परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी खराबी के कारण देरी हुई।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच X पर पोस्ट करते हुए लिखा,
“NEET, CBSE, SSC और आज CUET। चार परीक्षाएँ, एक करोड़ बच्चे, लेकिन एक भी परीक्षा ईमानदारी और सुचारू रूप से नहीं हो पाई।”
उन्होंने आगे कहा कि सरकार के “विश्वगुरु” बनने के दावे जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते।
“दावे विश्वगुरु के, लेकिन देश में एक परीक्षा भी नहीं करवा सकते। मोदी जी ने पूरी शिक्षा व्यवस्था तबाह कर दी है। जिस पीढ़ी का भविष्य बर्बाद किया जा रहा है, वही पीढ़ी एक दिन इसका हिसाब करेगी।”
शिक्षा व्यवस्था पर लगातार हमलावर कांग्रेस
राहुल गांधी इससे पहले भी परीक्षा प्रणाली और पेपर लीक के मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार को घेरते रहे हैं। शुक्रवार को उन्होंने से जुड़े विवादों का उल्लेख करते हुए कहा था कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार हो रही गड़बड़ियों पर प्रधानमंत्री की चुप्पी चिंताजनक है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छात्रों के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों पर जवाबदेही तय करने के बजाय सरकार केवल अपनी राजनीतिक छवि बचाने में लगी हुई है।
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट के साथ उन छात्रों की बातचीत का वीडियो भी साझा किया, जिन्होंने में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त की थीं।
छात्रों के भविष्य पर बढ़ी बहस
पिछले कुछ वर्षों में NEET, SSC, CBSE और CUET जैसी बड़ी परीक्षाओं में सामने आए तकनीकी व्यवधान, पेपर लीक और प्रशासनिक गड़बड़ियों को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है। वहीं सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं।
THE NewsBar | शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता और लाखों छात्रों के भविष्य को लेकर छिड़ी यह बहस आने वाले समय में और तेज होने के संकेत दे रही है।