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70 की उम्र में 30 साल की महिला से शादी, गांव बना बाराती – इंसानियत के साथ उठे सवाल भी

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THE NewsBar | मऊ (उत्तर प्रदेश)
मऊ जिले के घोसी तहसील क्षेत्र में एक अनोखी शादी ने जहां लोगों को भावुक किया, वहीं कई तरह की चर्चाओं और सवालों को भी जन्म दे दिया। 70 वर्षीय लालचंद ने 30 वर्षीय विधवा रीमा देवी से शिव मंदिर में सात फेरे लिए। इस शादी में गांव के लोग ही अगुआ, बाराती और घराती बने।

सादगी से हुआ विवाह, गांव बना परिवार
मझवारा मोड़ स्थित नरोखर पोखरा के शिव मंदिर में यह विवाह सादगी के साथ संपन्न हुआ। ग्रामीणों की मौजूदगी में दोनों ने एक-दूसरे का साथ निभाने का वचन लिया और नई जिंदगी की शुरुआत की।

मजबूरी और सहारे की तलाश ने जोड़ा रिश्ता
लालचंद की पत्नी का निधन 2023 में हो गया था, जिसके बाद वे अकेलेपन से जूझ रहे थे। वहीं रीमा देवी अपने दो छोटे बच्चों की जिम्मेदारी के साथ जीवन संघर्ष कर रही थीं। ऐसे में गांव वालों ने पहल करते हुए दोनों का विवाह करवाया, ताकि दोनों को एक-दूसरे का सहारा मिल सके।

लेकिन उठे सवाल भी…
इस शादी के सामने आने के बाद समाज में कई तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं।
70 साल और 30 साल की उम्र के बीच करीब 40 साल का अंतर लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ लोग इसे मजबूरी में लिया गया फैसला मान रहे हैं, तो कुछ इसे सामाजिक दबाव या परिस्थितियों का परिणाम बता रहे हैं।

कई लोगों का यह भी कहना है कि इतनी कम उम्र की महिला का इतने अधिक उम्र के व्यक्ति से विवाह भविष्य में भावनात्मक और सामाजिक चुनौतियां खड़ी कर सकता है। वहीं कुछ लोग बच्चों के भविष्य और रिश्ते के संतुलन को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं।

इंसानियत बनाम सामाजिक सोच
जहां एक ओर इस पहल को इंसानियत और सहयोग की मिसाल बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर यह घटना समाज की सोच, परंपराओं और व्यक्तिगत फैसलों पर बहस भी छेड़ रही है।

यह शादी अब सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक ऐसा मुद्दा बन गई है, जो यह सवाल खड़ा करती है-क्या यह फैसला पूरी तरह सही है, या परिस्थितियों का समझौता?

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