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सरकारी आदेशों की धज्जियां उड़ा रहा आबकारी विभाग: धड़ल्ले से चल रहे अवैध अहाते, प्रशासन मौन

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The NewsBar | शुभम नांदेकर, छिंदवाड़ा।
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शराब दुकानों के साथ संचालित होने वाले अहातों (बैठकर शराब पीने के स्थान) पर प्रतिबंध लगाने के बावजूद छिंदवाड़ा जिले में यह आदेश कागजों तक ही सीमित नजर आ रहा है। आबकारी विभाग की लापरवाही और कथित संरक्षण के चलते शहर की अधिकांश शराब दुकानों के आसपास अवैध रूप से अहाते संचालित हो रहे हैं। इससे न केवल शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि शहर का सामाजिक वातावरण भी प्रभावित हो रहा है।

दरअसल, राज्य सरकार ने राजधानी में हुई एक गंभीर आपराधिक घटना के बाद प्रदेशभर में अहाते बंद करने का सख्त निर्णय लिया था। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य शराब दुकानों के आसपास भीड़ और असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाना, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना था। लेकिन छिंदवाड़ा में इस आदेश की खुलेआम अनदेखी हो रही है।

आबकारी विभाग पर सवाल, कार्रवाई नदारद
स्थानीय लोगों का आरोप है कि आबकारी विभाग अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के बजाय आंखें मूंदे बैठा है। विभागीय अमला केवल छोटी कार्रवाईयों तक सीमित नजर आता है, जबकि बड़े स्तर पर चल रहे अवैध अहातों को नजरअंदाज किया जा रहा है। इससे यह सवाल उठता है कि आखिर इन गतिविधियों को किसका संरक्षण प्राप्त है।

शहर के प्रमुख इलाकों में अवैध अहातों का जाल
छिंदवाड़ा शहर के कई प्रमुख क्षेत्रों में शराब दुकानों के आसपास खुलेआम या पर्दे के पीछे अहाते संचालित किए जा रहे हैं –

  • इमलीखेड़ा क्षेत्र: पहले यहां बड़े पैमाने पर अहाता संचालित होता था। सरकारी आदेश के बाद इसे बंद तो कर दिया गया, लेकिन अब भी दुकान के पीछे शराब पीने की पूरी व्यवस्था जारी है।
  • फव्वारा चौक: शहर के व्यस्ततम इलाके में स्थित इस दुकान के सामने सुबह से रात तक शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। आसपास की दुकानों को अघोषित अहाते के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे आमजन का निकलना मुश्किल हो गया है।
  • बस स्टैंड क्षेत्र: पुलिस लाइन के सामने स्थित इस दुकान के पास पर्दे के पीछे अहाता संचालित हो रहा है, जहां बाहर से सामान्य दुकान दिखती है, लेकिन अंदर बैठकर शराब पीने की व्यवस्था है।
  • दिवांचीपुरा कंपोजिट: मुख्य सड़क पर संचालित यह दुकान न केवल गलत स्थान पर है, बल्कि इसके आसपास बड़े क्षेत्र को घेरकर खुलेआम अहाता चलाया जा रहा है।
  • पदम कॉम्प्लेक्स: यहां भी दुकान के पीछे बैठकर शराब पीने की सुविधा दी जा रही है, जिससे शाम होते ही शराबियों की भीड़ लग जाती है।
  • सोनाखार और परतला क्षेत्र: इन क्षेत्रों में भी शराब दुकानों के पास खुलेआम अहाते संचालित हैं, जहां खाने-पीने की सुविधाओं के साथ लोगों को बैठाकर शराब पिलाई जा रही है।
  • खजरी कंपोजिट: रिहायशी कॉलोनियों के बीच स्थित इस दुकान के कारण स्थानीय रहवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

राजस्व को नुकसान, सामाजिक माहौल बिगड़ रहा
अहाते बंद करने के बाद सरकार को मिलने वाला अतिरिक्त राजस्व भी बंद हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद अवैध रूप से संचालित इन अहातों से न तो सरकार को कोई फायदा हो रहा है और न ही व्यवस्था में सुधार दिखाई दे रहा है। उल्टा, इन स्थानों पर शराबियों की भीड़ से आम नागरिक, विशेषकर महिलाएं और छात्राएं, असुरक्षित महसूस कर रही हैं।

सख्त कार्रवाई की जरूरत
मामले को लेकर अब यह स्पष्ट हो गया है कि यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो सरकारी आदेशों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होंगे। प्रशासन और आबकारी विभाग को चाहिए कि वह ऐसे अवैध अहातों पर तत्काल सख्त कार्रवाई करे और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे।

छिंदवाड़ा में अवैध अहातों का संचालन यह दर्शाता है कि सरकारी आदेशों का पालन कराने में स्थानीय स्तर पर गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेकर कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाता है।

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