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पुणे में मासूमों पर दरिंदगी से उबाल: 4 साल की बच्ची की हत्या के बाद दूसरी घटना, दादा पर ही लगा दुष्कर्म की कोशिश का आरोप

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THE NewsBar | पुणे। महाराष्ट्र के में मासूम बच्चियों के साथ लगातार सामने आ रही यौन अपराध की घटनाओं ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। एक के बाद एक मामलों से लोगों में भारी आक्रोश है और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।


🔴 पहली घटना: 4 साल की बच्ची के साथ दरिंदगी के बाद हत्या

पुणे जिले की के एक गांव में 3 मई को 4 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई।
पुलिस के मुताबिक, 65 वर्षीय आरोपी ने बच्ची को खाने का लालच देकर अपने साथ ले गया और एक सुनसान जगह पर अपराध को अंजाम दिया।

इस जघन्य वारदात के बाद इलाके में भारी गुस्सा फैल गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।


🔴 दूसरी घटना: रिश्तों को शर्मसार करने वाली कोशिश

पहली घटना का आक्रोश अभी शांत भी नहीं हुआ था कि पुणे में ही एक और चौंकाने वाला मामला सामने आ गया।
यहां एक 9 साल की बच्ची के साथ उसके ही दादा द्वारा दुष्कर्म की कोशिश किए जाने का आरोप है।

समय रहते परिजनों और स्थानीय लोगों की नजर पड़ने से बच्ची को बचा लिया गया। पुलिस ने आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया है।


🔴 तीसरी घटना: छेड़छाड़ के आरोपी की पिटाई

पुणे के इलाके में एक अन्य मामले में 9 वर्षीय बच्ची के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की गई।
आरोपी की पहचान गोरख कामठे के रूप में हुई है।

स्थानीय लोगों और ‘गनिमी कावा’ संगठन के कार्यकर्ताओं ने आरोपी को रंगे हाथों पकड़कर उसकी जमकर पिटाई की और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया।


🔴 सड़कों पर गुस्सा, थाने का घेराव

लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बाद शहर में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
देर रात तक पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन और घेराव किया गया। लोग सख्त कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग कर रहे हैं।


🔴 अब सियासत भी तेज

इन घटनाओं को लेकर राजनीति भी गरमा गई है।
ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर नहीं है।

उन्होंने मांग की है कि ऐसे अपराधों पर रोक लगाने के लिए कड़े कानून लागू किए जाएं और जरूरत पड़े तो विशेष सत्र बुलाया जाए।


⚠️ बड़ा सवाल

लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है-
क्या शहर में मासूम बच्चियां सुरक्षित हैं?

पुलिस कार्रवाई कर रही है, लेकिन घटनाओं की पुनरावृत्ति यह संकेत दे रही है कि केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि मजबूत रोकथाम और सामाजिक जागरूकता की भी सख्त जरूरत है।


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