THE NewsBar | कोलकाता/उत्तर 24 परगना। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद राज्य एक बार फिर राजनीतिक हिंसा की आग में झुलस रहा है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की हार के बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों से तोड़फोड़, आगजनी और फायरिंग की खबरें आ रही हैं। सबसे तनावपूर्ण स्थिति संदेशखाली और कोलकाता में बनी हुई है, जहाँ सुरक्षाबलों को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
संदेशखाली: गश्त के दौरान पुलिस पर हमला
उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली (सरबेरिया-आगरहाटी) में देर रात उस समय सनसनी फैल गई जब गश्त कर रही पुलिस और केंद्रीय बलों की टीम पर अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग कर दी। रिपोर्ट के मुताबिक, बामनघेरी इलाके में छिपे उपद्रवियों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाया। इस हमले में कुछ जवानों के घायल होने की खबर है, जिसके बाद पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
कोलकाता: TMC दफ्तर पर चला बुलडोजर
कोलकाता के न्यू मार्केट और भवानीपुर इलाकों में स्थिति नियंत्रण से बाहर होती दिखी। भाजपा समर्थकों द्वारा जीत के जश्न के दौरान ‘बुलडोजर’ का प्रदर्शन चर्चा का विषय बना रहा। आरोप है कि कोलकाता में एक अस्थायी टीएमसी कैंप ऑफिस को बुलडोजर से ढहा दिया गया। वहीं, जगतबल्लवपुर में भी पार्टी दफ्तर को आग के हवाले कर दिया गया। टीएमसी ने इसे ‘राज्य प्रायोजित हिंसा’ करार देते हुए कहा कि भाजपा सत्ता के नशे में विपक्षी कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही है।
TMC का पलटवार: ‘यह जीत का जश्न नहीं, आतंक है’
ममता बनर्जी की पार्टी ने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला है। TMC नेतृत्व का कहना है कि “परिवर्तन” के नाम पर बंगाल की शांति भंग की जा रही है। पार्टी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय बल मूकदर्शक बने हुए हैं और भाजपा कार्यकर्ताओं को हिंसा की खुली छूट दे दी गई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि वे इस ‘बुलडोजर संस्कृति’ और हिंसा के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन करेंगे।