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मध्यप्रदेश में ‘रुका नहीं’ अभियान के तहत द्वितीय बोर्ड परीक्षा कल से, 4.89 लाख फेल छात्रों में से 30% ने छोड़ी परीक्षा, 624 केंद्रों पर तैयारी पूरी

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THE NewsBar | भोपाल। मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं और 12वीं की द्वितीय बोर्ड परीक्षा गुरुवार, 7 मई से प्रदेश भर में शुरू होने जा रही है। इस परीक्षा के सफल संचालन के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। हालांकि, इस बार छात्रों की भागीदारी को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। मुख्य परीक्षा में फेल हुए कुल 4.89 लाख विद्यार्थियों में से केवल 3.42 लाख छात्रों ने ही इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाने के लिए आवेदन किया है। इसका अर्थ है कि लगभग 30 प्रतिशत यानी करीब 1.47 लाख विद्यार्थियों ने अपना साल बचाने का यह मौका छोड़ दिया है।

624 केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े पहरे परीक्षा के सुचारू आयोजन के लिए पूरे प्रदेश में 624 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से राजधानी भोपाल में 24 केंद्र निर्धारित हैं। सुरक्षा की दृष्टि से प्रश्नपत्रों को पुलिस थानों में सुरक्षित रखा गया है, जिन्हें कड़ी निगरानी में केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा, नकल रोकने के लिए जिला और राज्य स्तर पर फ्लाइंग स्क्वॉड (उड़नदस्ते) का गठन किया गया है, जो परीक्षा के दौरान केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे।

एंट्री के लिए समय की पाबंदी और नियम विद्यार्थियों के लिए परीक्षा का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित किया गया है। मंडल द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, परीक्षार्थियों को सुबह 8 बजे तक केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य है ताकि थर्मल स्क्रीनिंग और अन्य प्रवेश प्रक्रियाएं समय पर पूरी हो सकें। अनुशासन बनाए रखने के लिए परीक्षा शुरू होने से ठीक 15 मिनट पहले प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे, जिसके बाद किसी भी स्थिति में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। 10वीं की परीक्षाएं 19 मई तक और 12वीं की परीक्षाएं 25 मई तक संचालित की जाएंगी।

प्रायोगिक परीक्षाएं और डिजिटल निगरानी लिखित परीक्षाओं के समांतर ही 7 मई से 25 मई के बीच संबंधित स्कूलों में प्रायोगिक (प्रैक्टिकल) परीक्षाएं भी आयोजित की जाएंगी। मंडल ने इस बार तकनीक का सहारा लेते हुए परीक्षा केंद्रों की निगरानी के लिए ऑनलाइन सिस्टम भी लागू किया है, जिससे मुख्यालय स्तर से भी गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी। यह परीक्षा उन छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है जो मुख्य परीक्षा में असफल रहे थे, जिससे वे अपना शैक्षणिक वर्ष बचाकर आगे की पढ़ाई जारी रख सकें।

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