» शादी समारोह में मातम, 40 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत
» “अगर अधिकारी कुचलता तो क्या तब भी चुप रहता प्रशासन?”
THE NewsBar | शुभम नांदेकर।
छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव विधानसभा क्षेत्र में अवैध रेत कारोबार अब आम लोगों की जान पर भारी पड़ने लगा है। शुक्रवार रात एक दर्दनाक हादसे में शिवानी छपारा से शादी समारोह में शामिल होने आए 40 वर्षीय युवक को तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने कुचल दिया। हादसा इतना भयावह था कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई और शादी का माहौल मातम में बदल गया।
दिन-रात सड़कों पर दौड़ रहे अवैध रेत से भरे ट्रैक्टर
प्रशासनिक ढिलाई से बढ़े रेत माफियाओं के हौसले
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जुन्नारदेव क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन खुलेआम जारी है। दिन हो या रात, रेत से भरे ट्रैक्टर तेज रफ्तार में सड़कों पर दौड़ते नजर आते हैं। कई बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन और खनिज विभाग द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से रेत माफियाओं के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
CCTV फुटेज ने खोली पोल
नशे में ट्रैक्टर दौड़ाता दिखा चालक
घटना का CCTV फुटेज सामने आया है, जिसे जुन्नारदेव निवासी सुधीर रजक द्वारा रिपोर्टर शुभम नांदेकर को उपलब्ध कराया गया। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि ट्रैक्टर चालक तेज रफ्तार में वाहन चला रहा था। स्थानीय लोगों का दावा है कि चालक शराब के नशे में था और पूरी तरह लापरवाही से वाहन दौड़ा रहा था। वीडियो ने प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
आबादी वाले क्षेत्र में मौत बनकर दौड़ रहे भारी वाहन
चिकलमऊ तिराहा और अंबेडकर चौक पर पुलिस तैनाती की मांग
जहां हादसा हुआ, वह क्षेत्र पूरी तरह आबादी वाला है। रहवासियों का कहना है कि लंबे समय से यहां भारी वाहनों की तेज रफ्तार को लेकर शिकायतें की जा रही थीं। लोगों ने चिकलमऊ तिराहा और अंबेडकर चौक पर पुलिस जवानों की तैनाती की मांग भी उठाई थी, ताकि वाहनों की गति नियंत्रित की जा सके। लेकिन जिम्मेदार विभागों ने इस ओर गंभीरता नहीं दिखाई।
खेती के ट्रैक्टर अब बन गए अवैध कारोबार का हथियार
रेत तस्करी में खुलेआम हो रहा ट्रैक्टरों का इस्तेमाल
कभी कृषि कार्यों में उपयोग होने वाले ट्रैक्टर अब अवैध रेत तस्करी का सबसे बड़ा माध्यम बन चुके हैं। क्षेत्र में बिना किसी डर के ट्रैक्टरों से रेत परिवहन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की निष्क्रियता ने रेत माफियाओं को पूरी तरह बेलगाम बना दिया है।
जनता का बड़ा सवाल – क्या आम आदमी की जान की कोई कीमत नहीं?
“अगर अधिकारी कुचलता तो क्या तब भी चुप रहता प्रशासन?”
घटना के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। आम नागरिक सवाल उठा रहे हैं कि अगर इसी ट्रैक्टर के नीचे कोई पुलिस अधिकारी, खनिज अधिकारी या एसडीएम आ गया होता, तो क्या तब भी कार्रवाई इतनी धीमी रहती? लेकिन यहां एक आम आदमी की मौत हुई है, इसलिए सिस्टम की संवेदनाएं भी मानो मर चुकी हैं।
अब कार्रवाई नहीं हुई तो और जाएंगी जानें
रेत माफियाओं पर सख्त कार्रवाई की उठी मांग
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से अवैध रेत कारोबार पर तत्काल रोक लगाने, दोषी ट्रैक्टर चालक पर कड़ी कार्रवाई करने और मुख्य चौक-चौराहों पर पुलिस निगरानी बढ़ाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे और निर्दोष लोग यूं ही अपनी जान गंवाते रहेंगे।