चीन के दक्षिणी हिस्से में स्थित गुआंग्शी प्रांत के लिउझोउ शहर में सोमवार तड़के भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.2 मापी गई है, जिसका केंद्र जमीन से लगभग 8 किलोमीटर की गहराई पर था। इस प्राकृतिक आपदा के कारण इलाके में भारी अफरा-तफरी मच गई और लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए। भूकंप के जोरदार झटकों की वजह से कम से कम 13 इमारतें पूरी तरह जमींदोज हो गई हैं, जबकि कई अन्य मकानों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। स्थानीय प्रशासन और सरकारी मीडिया के अनुसार, इस हादसे में अब तक दो लोगों की जान जा चुकी है और एक व्यक्ति अभी भी लापता बताया जा रहा है।
भूकंप के तुरंत बाद प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। इमरजेंसी सेवाओं, फायर ब्रिगेड और पुलिस बल के जवान मलबे को हटाने और उसमें फंसे संभावित लोगों की तलाश में जुटे हैं। खोजी कुत्तों और भारी मशीनों (एक्सकेवेटर्स) की मदद से तबाह हुई इमारतों के मलबे को साफ किया जा रहा है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए अब तक 7,000 से अधिक लोगों को प्रभावित क्षेत्रों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
सरकारी मीडिया सीसीटीवी (CCTV) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हादसे में चार लोग घायल हुए हैं जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, हालांकि राहत की बात यह है कि किसी की भी स्थिति गंभीर या जानलेवा नहीं है। भूकंप के झटकों के कारण इलाके का सार्वजनिक यातायात, विशेष रूप से रेल सेवाएं प्रभावित हुई हैं। रेलवे पटरियों और बुनियादी ढांचे की पूरी जांच के बाद ही ट्रेनों की आवाजाही को बहाल किया जाएगा। हालांकि, बिजली, पानी, गैस की सप्लाई और सड़क यातायात पूरी तरह सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों को एहतियात बरतने और क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने की सख्त सलाह दी है।