THE NewsBar | नई दिल्ली। देशभर में भीषण गर्मी और लू के बीच मौसम विभाग की ताजा भविष्यवाणी राहत लेकर आई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून इस वर्ष सामान्य तारीख 1 जून से पहले ही 26 मई 2026 के आसपास केरल तट पर पहुंच सकता है। मौसम विभाग ने इसके लिए ±4 दिन की संभावना भी जताई है, यानी मानसून 22 से 30 मई के बीच भी प्रवेश कर सकता है।
मानसून की शुरुआती गतिविधियां पहले ही दक्षिण अरब सागर, अंडमान-निकोबार क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी के हिस्सों में सक्रिय हो चुकी हैं। केरल, कर्नाटक और आसपास के इलाकों में प्री-मानसून बारिश का दौर भी तेज हो रहा है।
मध्य भारत में अभी जारी रहेगा लू का असर
हालांकि मानसून की दस्तक दक्षिण भारत में जल्दी हो सकती है, लेकिन मध्य प्रदेश, विदर्भ (महाराष्ट्र), छत्तीसगढ़ और मध्य भारत के अन्य हिस्सों में फिलहाल गर्मी से राहत के संकेत नहीं हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक कई इलाकों में तापमान सामान्य से ऊपर बना रह सकता है और लू जैसी स्थिति जारी रहने की संभावना है।
मध्यप्रदेश और विदर्भ में मानसून कब पहुंचेगा?
यदि मानसून केरल में 26 मई के आसपास प्रवेश करता है और इसकी रफ्तार सामान्य या तेज बनी रहती है, तो अनुमानित रूप से:
- विदर्भ (नागपुर, अमरावती, चंद्रपुर क्षेत्र): 8 से 12 जून 2026 के बीच मानसून पहुंच सकता है।
- मध्यप्रदेश के दक्षिणी हिस्से (बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी): 12 से 16 जून के बीच मानसूनी गतिविधियां शुरू होने की संभावना मानी जा रही है।
- भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर संभाग: लगभग 15 से 20 जून के बीच मानसून पहुंच सकता है।
- ग्वालियर-चंबल और उत्तर-पश्चिम मध्यप्रदेश: यहां मानसून सामान्यतः जून के अंतिम सप्ताह में सक्रिय होता है।
हालांकि यह अनुमान मानसून की प्रगति पर निर्भर रहेगा और IMD आगे चरणबद्ध अपडेट जारी करेगा।
कृषि और जल संसाधनों के लिए राहत की उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि समय से पहले मानसून आने से खरीफ फसलों की बुवाई को फायदा मिल सकता है। धान, सोयाबीन, मक्का और कपास जैसी फसलों के लिए शुरुआती नमी लाभदायक मानी जाती है। मानसून देश के जलाशयों, भूजल स्तर और सिंचाई व्यवस्था के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।
IMD की एडवाइजरी
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि लू के दौरान दोपहर में अनावश्यक बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पिएं, हल्के कपड़े पहनें और मौसम विभाग के आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखें।
फिलहाल तस्वीर साफ है-दक्षिण भारत में मानसून की आहट तेज हो चुकी है, लेकिन मध्यप्रदेश और विदर्भ को राहत के लिए अभी कुछ दिन और इंतजार करना पड़ सकता है।