THE NewsBar | नई दिल्ली। भारतीय निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने शुक्रवार को संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा (Rajya Sabha) की खाली हो रही सीटों को भरने के लिए बिगुल फूंक दिया है। चुनाव आयोग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, देश के 10 राज्यों की कुल 24 राज्यसभा सीटों पर आगामी 18 जून को मतदान कराया जाएगा। यह चुनाव उन सीटों पर हो रहा है जिनके मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 21 जून से 19 जुलाई के बीच समाप्त होने जा रहा है।
पूरा चुनावी कार्यक्रम (Election Schedule)
चुनाव आयोग की तरफ से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक इस चुनावी प्रक्रिया की महत्वपूर्ण तारीखें इस प्रकार हैं:
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अधिसूचना (Notification) जारी होने की तिथि: 1 जून
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नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख: 8 जून
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नामांकन पत्रों की जांच (Scrutiny): 9 जून
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नाम वापसी (Withdrawal) की अंतिम तिथि: 11 जून
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मतदान की तारीख (Polling Date): 18 जून (सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक)
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मतगणना और परिणाम: 18 जून (शाम 5:00 बजे से काउंटिंग शुरू होगी)
किस राज्य में कितनी सीटें हैं खाली?
इस बार का राज्यसभा चुनाव मुख्य रूप से 10 राज्यों में केंद्रित है। इसमें दक्षिण से लेकर पूर्वोत्तर तक के राज्य शामिल हैं:
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आंध्र प्रदेश: 4 सीटें
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गुजरात: 4 सीटें
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कर्नाटक: 4 सीटें
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मध्य प्रदेश: 3 सीटें
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राजस्थान: 3 सीटें
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झारखंड: 2 सीटें
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मणिपुर: 1 सीट
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मेघालय: 1 सीट
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अरुणाचल प्रदेश: 1 सीट
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मिजोरम: 1 सीट
राजनीतिक दिग्गजों का कार्यकाल हो रहा समाप्त
इस बार जिन 24 सांसदों का कार्यकाल पूरा हो रहा है, उनमें देश की राजनीति के कई बड़े नाम शामिल हैं। इन सीटों के खाली होने से उच्च सदन के समीकरणों में बदलाव देखने को मिल सकता है। रिटायर होने वाले प्रमुख नेताओं में शामिल हैं:
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मल्लिकार्जुन खरगे (कांग्रेस अध्यक्ष)
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एच डी देवेगौड़ा (पूर्व प्रधानमंत्री)
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दिग्विजय सिंह (मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री)
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जॉर्ज कूरियन (केंद्रीय मंत्री)
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रवनीत सिंह बिट्टू (केंद्रीय मंत्री)
क्यों खास है यह चुनाव?
राज्यसभा एक स्थायी सदन है, जिसके एक-तिहाई सदस्य हर दो साल में रिटायर होते हैं और प्रत्येक सदस्य का कार्यकाल 6 वर्ष का होता है। इन 24 सीटों पर होने वाले चुनाव में विधायक (MLAs) अनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली (Proportional Representation) के जरिए वोट डालेंगे। राजस्थान, मध्य प्रदेश और कर्नाटक जैसे बड़े राज्यों में बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां अपनी सीटों की संख्या बढ़ाने और दिग्गजों को दोबारा सदन में भेजने के लिए पूरा जोर लगाएंगी।