THE NewsBar | शिमला। मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच हिमाचल प्रदेश की राजधानी और ‘क्वीन ऑफ हिल्स’ के नाम से मशहूर इन दिनों पर्यटकों से पूरी तरह गुलजार हो गया है। बड़ी संख्या में सैलानियों के पहुंचने से शहर की सड़कें वाहनों से पट गई हैं और ट्रैफिक व्यवस्था पर भारी दबाव देखने को मिल रहा है। पिछले तीन दिनों में करीब 70 हजार वाहन शिमला पहुंचे, जिससे कई प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम और यातायात अव्यवस्था की स्थिति बन गई।
पुलिस विभाग के अनुसार बीते एक सप्ताह में कुल 1 लाख 54 हजार 450 वाहन शिमला में प्रवेश कर चुके हैं, जबकि एक मई से अब तक यह आंकड़ा 6.31 लाख वाहनों तक पहुंच गया है। पर्यटन सीजन के चरम पर पहुंचने के कारण शहर की संकरी सड़कों और सीमित पार्किंग व्यवस्था पर भारी दबाव बन गया है। हालत यह है कि कई व्यस्त मार्गों पर वाहन रेंगते नजर आ रहे हैं और स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक ने बताया कि बढ़ते ट्रैफिक दबाव को नियंत्रित करने के लिए विशेष रणनीति लागू की गई है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में 32 ट्रैफिक राइडर वाहन तैनात किए गए हैं, जो लगातार निगरानी कर रहे हैं। साथ ही इंटरसेप्टर वाहनों की मदद से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर भी नियम तोड़ने वालों की पहचान की जा रही है।
ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पूरे शहर को पांच सेक्टरों में बांटा गया है और प्रत्येक सेक्टर की जिम्मेदारी एक राजपत्रित अधिकारी को सौंपी गई है। इसके अलावा स्वयंसेवकों की भी मदद ली जा रही है, ताकि पर्यटकों को सही मार्गदर्शन मिल सके और यातायात सुचारु बना रहे।
पुलिस प्रशासन ने अपर शिमला की ओर जाने वाले वाहनों को शहर के मुख्य हिस्से में प्रवेश से पहले ही शोघी से मेहली मार्ग की ओर डायवर्ट करना शुरू कर दिया है। इससे शहर के व्यस्त इलाकों में ट्रैफिक दबाव कम करने की कोशिश की जा रही है। सोशल मीडिया के माध्यम से भी लगातार ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की जा रही है, ताकि पर्यटकों को वैकल्पिक मार्गों और जाम की स्थिति की जानकारी मिलती रहे।
प्रशासन का कहना है कि जून महीने में पर्यटकों की संख्या और बढ़ सकती है, क्योंकि गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहाड़ी क्षेत्रों का रुख करते हैं। वहीं 31 मई तक पंचायत चुनावों में पुलिस बल की ड्यूटी लगी होने के कारण अतिरिक्त दबाव बना हुआ है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद अतिरिक्त पुलिस बल को ट्रैफिक प्रबंधन में लगाया जाएगा।
एक ओर जहां पर्यटकों की बढ़ती संख्या से होटल, रेस्तरां और पर्यटन कारोबार को नई रफ्तार मिली है, वहीं दूसरी ओर ट्रैफिक जाम, पार्किंग संकट और अव्यवस्थित यातायात ने प्रशासन की चुनौतियां भी बढ़ा दी हैं।