नई दिल्ली। The NewsBar | (AAP) को लेकर एक बड़ी राजनीतिक हलचल सामने आई है। खबरों के अनुसार, पार्टी के तीन प्रमुख राज्यसभा सांसद-, और – ने पार्टी छोड़ने का दावा किया है और (BJP) में शामिल होने की बात कही जा रही है।
हालांकि, इस तरह के दावे को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है, जिससे स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं मानी जा रही है।
🧾 क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, तीनों नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह दावा किया कि वे राज्यसभा में AAP के दो-तिहाई सांसदों के साथ मिलकर भाजपा में विलय करेंगे। उनका कहना है कि यह कदम संविधान के प्रावधानों के तहत उठाया जाएगा, ताकि दल-बदल कानून से बचा जा सके।
ने आरोप लगाया कि AAP अपने मूल सिद्धांतों और नैतिकता से भटक चुकी है और अब निजी हितों के लिए काम कर रही है। वहीं ने भी बदलती परिस्थितियों का हवाला देते हुए पार्टी छोड़ने का कारण बताया।
⚖️ विलय का दावा और कानून
तीनों सांसदों का कहना है कि वे “दो-तिहाई संख्या” के आधार पर विलय का दावा कर रहे हैं। भारतीय कानून के अनुसार, यदि किसी दल के कम से कम दो-तिहाई सांसद एक साथ किसी अन्य दल में शामिल होते हैं, तो इसे वैध विलय माना जा सकता है और दल-बदल कानून लागू नहीं होता।
🔍 अंदरूनी मतभेद की चर्चा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कुछ समय से पार्टी के बड़े मुद्दों पर अपेक्षाकृत शांत नजर आ रहे थे। साथ ही, के साथ उनके संबंधों में दूरी की भी चर्चा रही है।
विपक्ष इस घटनाक्रम को AAP के अंदर बढ़ते मतभेद का संकेत बता रहा है, जबकि पार्टी के अन्य नेताओं की ओर से इसे सामान्य संगठनात्मक प्रक्रिया बताया जा रहा है।