The NewsBar | नई दिल्ली। भारत में इस बार गर्मी समय से पहले और बेहद तीव्र रूप में दस्तक दे चुकी है। महाराष्ट्र के विदर्भ में अकोला करीब 44°C के साथ दुनिया के सबसे गर्म शहरों में शामिल हो चुकी है, जबकि अमरावती, वर्धा और नागपुर भी टॉप 10 में जगह बना चुके हैं। देश के कई हिस्सों में तापमान 40-44°C के पार पहुंच चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेताया है कि आने वाले दिनों में हीटवेव और तेज हो कर पारा 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने की आशंका जताई गई है।
IMD के मुताबिक 2026 में सामान्य से ज्यादा गर्मी पड़ेगी, मार्च-मई के बीच हीटवेव बढ़ने की आशंका है और तापमान 4-8°C तक ऊपर जा सकता है। गर्मी चरम पर पहुंचने पर कुछ इलाकों में पारा 50°C तक पहुंचने की आशंका है।

महाराष्ट्र का विदर्भ क्षेत्र बना ‘हॉटस्पॉट’
मौसम विभाग ने महाराष्ट्र के कई जिलों में हीटवेव (Heatwave) का रेड अलर्ट जारी किया है। अकोला के अलावा अमरावती, वर्धा और नागपुर जैसे शहर भी अत्यधिक गर्मी की चपेट में हैं। यहाँ तापमान सामान्य से 4 से 8 डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है। न केवल महाराष्ट्र, बल्कि ओडिशा के बलांगीर, छत्तीसगढ़ के रायपुर और उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भी सूरज आग उगल रहा है।

2026 में टूटेंगे गर्मी के रिकॉर्ड
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, साल 2026 अब तक का सबसे गर्म साल साबित हो सकता है। मार्च से मई के बीच लू की घटनाओं में भारी वृद्धि देखी जा रही है। चरम मौसम की स्थिति के कारण उत्तर और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के ऐतिहासिक आंकड़े को छू सकता है।
वैश्विक स्तर पर भी बढ़ी तपिश
ग्लोबल वार्मिंग का असर केवल भारत तक सीमित नहीं है। चीन का जिंगहोंग और थाईलैंड व वियतनाम के कई शहर भी 35-37 डिग्री सेल्सियस के साथ इस तपती सूची में अपनी जगह बना चुके हैं। हालांकि, भारत के शहरों में तापमान की तीव्रता अन्य देशों के मुकाबले कहीं अधिक चिंताजनक है।
स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी
बढ़ते खतरे को देखते हुए डॉक्टरों और मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को सख्त हिदायत दी है:
- दोपहर 12 से 4 बजे के बीच अनावश्यक बाहर न निकलें।
- शरीर में पानी की कमी न होने दें, पर्याप्त तरल पदार्थ लें।
- लू के लक्षण (सिरदर्द, चक्कर आना) दिखने पर तुरंत डॉक्टरी सलाह लें।