विज्ञापन ₹ ☎️ 8827666688

MP Transfers: पांढुर्णा, मैहर और मऊगंज जैसे नए जिलों को प्राथमिकता, 1 जून से शुरू होंगे तबादले

Share:

Join Whatsapp group

रिक्त पद भरने पर सरकार का फोकस, A+ श्रेणी के तबादले पूरे वर्ष रहेंगे जारी

THE NewsBar | शुभम नांदेकर, भोपाल। मध्यप्रदेश में 1 जून से तबादलों का दौर शुरू होने जा रहा है। इसे लेकर विभागीय स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार सरकार का मुख्य जोर बड़े पैमाने पर तबादले करने के बजाय विभिन्न विभागों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने पर रहेगा। खास तौर पर पांढुर्णा, मैहर और मऊगंज जैसे नवगठित जिलों में रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा, ताकि प्रशासनिक व्यवस्थाएं मजबूत हो सकें।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, नए जिलों में अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी के कारण कई विभागों का काम प्रभावित हो रहा है। ऐसे में तबादला नीति के तहत सबसे पहले इन जिलों में पदस्थापन किए जाने की संभावना है। वहीं A+ श्रेणी के तबादले पूरे वर्ष किए जा सकेंगे, जिससे प्रशासनिक जरूरतों के अनुसार अधिकारियों की तैनाती में सुविधा रहेगी।

स्वास्थ्य विभाग में सबसे ज्यादा रिक्तियां

प्रदेश में सबसे अधिक खाली पद स्वास्थ्य विभाग में बताए जा रहे हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत करीब 2 हजार संविदा पद रिक्त हैं। इसके अलावा चिकित्सा अधिकारियों, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल कर्मचारियों के कई पद भी लंबे समय से खाली पड़े हैं। सरकार इन पदों को भरने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।

शिक्षा विभाग में भी शिक्षकों की कमी

स्कूल शिक्षा विभाग में भी हजारों पद खाली हैं। प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी लंबे समय से बनी हुई है। विभाग ने रिक्त पदों का ब्यौरा जुटाना शुरू कर दिया है और भर्ती व पदस्थापना की प्रक्रिया को गति देने की तैयारी की जा रही है।

अन्य विभागों में भी कर्मचारियों का अभाव

लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, नगरीय विकास एवं आवास विभाग सहित कई महत्वपूर्ण विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों के पद रिक्त हैं। सरकार आवश्यकतानुसार इन विभागों में पदस्थापन कर कार्य व्यवस्था को मजबूत बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।

बड़े पैमाने पर तबादलों की संभावना कम

सूत्रों का कहना है कि इस वर्ष व्यापक स्तर पर तबादलों की संभावना कम है। सरकार पहले रिक्त पदों को भरकर प्रशासनिक ढांचे को सुदृढ़ करना चाहती है। आवश्यकता पड़ने पर ही सीमित संख्या में स्थानांतरण किए जाएंगे।

कर्मचारियों को मिलेगा आवेदन का अवसर

तबादला प्रतिबंध हटने के बाद अधिकारी और कर्मचारी अपनी पसंद के स्थान पर पदस्थापना के लिए आवेदन कर सकेंगे। हालांकि अंतिम निर्णय विभागीय आवश्यकता, रिक्त पदों की उपलब्धता और प्रशासनिक हितों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।

प्रदेश में तबादला नीति का यह नया दौर खासकर नवगठित जिलों के लिए राहत भरा साबित हो सकता है, जहां कर्मचारियों और अधिकारियों की कमी लंबे समय से प्रशासनिक चुनौतियां पैदा कर रही है।

error: Copy not allowed