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NEET-UG 2026: अपनी कोचिंग को ‘सुपरहिट’ बनाने के लिए प्रोफेसर कुलकर्णी ने लीक किया था पेपर, छात्र की ‘शरारत’ ने खोली पोल

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THE NewsBar | नई दिल्ली/लातूर। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘NEET-UG 2026’ के पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है। शुक्रवार को सीबीआई ने कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के लातूर शहर के एक स्थानीय कॉलेज में रसायन विज्ञान (Chemistry) पढ़ाने वाले रिटायर्ड प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी को गिरफ्तार कर लिया है।

सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, NEET-UG 2026 परीक्षा का यह पेपर लीक किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय या राष्ट्रीय संगठित सिंडिकेट (Organized Syndicate) का हिस्सा नहीं था। बल्कि यह पूरी साजिश सिर्फ इसलिए रची गई थी ताकि प्रोफेसर कुलकर्णी लातूर और पुणे के बाजार में अपने निजी कोचिंग सेंटर को ‘सुपरहिट’ बना सकें।

पेपर सेट करने वाली कमेटी में शामिल था आरोपी प्रोफेसर

जांच में सामने आया है कि पी.वी. कुलकर्णी चार साल पहले लातूर के एक बेहद प्रतिष्ठित कॉलेज से सेवानिवृत्त हुए थे। उनके लंबे अनुभव के कारण उन्हें नीट परीक्षा के लिए केमिस्ट्री विषय का प्रश्नपत्र तैयार करने वाली बेहद गोपनीय और सुरक्षित समिति (Paper Setting Committee) में शामिल किया गया था। इसी पद और गोपनीयता का फायदा उठाकर कुलकर्णी ने देश के लाखों ईमानदार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हुए प्रश्नपत्र को पहले ही चुरा लिया।


पुणे के घर में चल रहा था खेल: ‘स्पेशल क्लासेस’ के नाम पर वसूली

सीबीआई ने इस मामले में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय (उच्च शिक्षा विभाग) से मिली एक लिखित शिकायत के बाद 12 मई को आधिकारिक तौर पर मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान जो कड़ियां जुड़ीं, वे बेहद हैरान करने वाली थीं:

  • सीक्रेट क्लासेस का जाल: पेपर हाथ में आते ही पी.वी. कुलकर्णी ने अपनी सहयोगी मनीषा वाघमरे के साथ मिलकर पुणे स्थित अपने घर पर एक ‘स्पेशल कोचिंग क्लास’ शुरू की।

  • विकल्पों के साथ रटाए गए जवाब: सीबीआई सूत्रों के अनुसार, इस सीक्रेट क्लास में चुनिंदा छात्रों को बुलाया गया था। कुलकर्णी ने उन्हें परीक्षा में आने वाले हूबहू सवाल, उनके चारों विकल्प और सही जवाबों को विस्तार से रटवाया।

  • लाखों रुपये की मोटी फीस: इस ‘गारंटीड सिलेक्शन’ वाले खेल के बदले आरोपी प्रोफेसर ने छात्रों और उनके परिजनों से प्रति छात्र लाखों रुपये की मोटी रकम वसूली थी।


एक शरारती छात्र ने फेरा पानी: ऐसे फूटा पूरा भंडाफोड़

प्रोफेसर कुलकर्णी ने अपनी कोचिंग को नंबर-1 बनाने का जो फुलप्रूफ प्लान तैयार किया था, उसे उन्हीं की क्लास के एक शातिर और शरारती छात्र ने मटियामेट कर दिया।

सीबीआई के मुताबिक: “इस स्पेशल क्लास में शामिल एक छात्र को लगा कि उसने कोचिंग के लिए बहुत ज्यादा पैसे दे दिए हैं। अपने पैसों के नुकसान की भरपाई (Recovery) करने के लिए, उस छात्र ने शातिर दिमाग लगाया। उसने लीक हुए नीट के उस ‘गेस पेपर’ को सोशल मीडिया (व्हाट्सएप और टेलीग्राम समूहों) पर उन लोगों को फॉरवर्ड कर दिया जो खुद अन्य शहरों में कोचिंग क्लासेस चलाते थे।”

छात्र की इस एक हरकत के बाद वह पेपर देखते ही देखते सैकड़ों और फिर हजारों लोगों तक पहुंच गया। हालांकि, शुरुआत में कई लोगों ने इसे केवल एक सामान्य ‘गेस पेपर’ समझकर गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन जब परीक्षा के दिन असल सवाल मैच हुए, तो पूरे देश में हड़कंप मच गया और आखिरकार मामला सीबीआई तक पहुंच गया।

देशभर में छापेमारी: तकनीकी और फोरेंसिक जांच तेज

पिछले 24 घंटों में सीबीआई ने इस मामले की जड़ें खोदने के लिए देशभर में कई संदिग्ध ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है। इस दौरान मुख्य आरोपियों के पास से:

  1. कई हाई-एंड स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जब्त किए गए हैं।

  2. बैंक खातों के दस्तावेज और लाखों के लेन-देन की पर्चियां मिली हैं।

  3. जब्त किए गए डिजिटल सबूतों को तुरंत CFSL (Central Forensic Science Laboratory) भेज दिया गया है, जहां इनका फोरेंसिक और तकनीकी विश्लेषण (Technical Analysis) किया जा रहा है ताकि डेटा डिलीट होने पर भी उसे रिकवर किया जा सके।

अब तक 7 गिरफ्तारियां, बिचौलियों पर कसता शिकंजा

सीबीआई का कहना है कि अब तक की तफ्तीश में केमिस्ट्री पेपर लीक के असली सोर्स (पी.वी. कुलकर्णी) और छात्रों को इस दलदल में खींचने वाले बिचौलियों (Middlemen) की पूरी चेन की पहचान कर ली गई है। मनीषा वाघमरे और कुलकर्णी समेत इस मामले में अब तक कुल 7 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सीबीआई अब उन छात्रों और अभिभावकों को भी समन भेजने की तैयारी कर रही है जिन्होंने पैसे देकर यह पेपर खरीदा था।

कोई तो समझाओ कि कच्छे बदलने से दस्त नहीं रुकता…
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से पत्रकार ने पूछा क्या गारंटी है कि अगला पेपर लीक नहीं होगा..
मंत्री जी बोले – आपका सहयोग चाहिए..
मतलब पत्रकार क्या करे? लाठी लेकर पेपर की रखवाली करे? देश के शिक्षा मंत्री इस बात की गारंटी नहीं दे पाए कि आगे से कोई पेपर लीक नहीं होगा।

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