THE NewsBar | नई दिल्ली/सीकर। मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। 24 घंटे की मैराथन पूछताछ के बाद जांच एजेंसी ने 5 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों ने इस घोटाले के तार राजस्थान से लेकर महाराष्ट्र और हरियाणा तक फैला दिए हैं। राजस्थान पुलिस के चौंकाने वाले खुलासे के मुताबिक, यह लीक पेपर लगभग 1000 उम्मीदवारों तक पहुँचा था।
CBI की बड़ी गिरफ्तारियां और ‘ट्रांजिट रिमांड’
CBI ने जिन पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें राजस्थान और हरियाणा के बड़े नाम शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में:
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मांगी लाल बिंवाल, दिनेश बिंवाल और विकास बिंवाल: ये तीनों राजस्थान के सीकर और जमवारामगढ़ से ताल्लुक रखते हैं और एक ही परिवार (भाई और बेटे) से जुड़े हैं।
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यश यादव: हरियाणा के गुरुग्राम का रहने वाला।
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शुभम खैरनार: महाराष्ट्र के नासिक से। जांच में सामने आया है कि शुभम ने ही यश यादव को लीक पेपर उपलब्ध कराया था।
बुधवार को कोर्ट ने इन सभी आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया है, जिसके बाद CBI इन्हें आगे की कड़ी पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाएगी।
पुणे की ब्यूटीशियन का ‘मनी ट्रेल’ कनेक्शन
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ महाराष्ट्र के पुणे से आया है। यहाँ से मनीषा वाघमारे नामक एक ब्यूटीशियन को हिरासत में लिया गया है। जांच में पता चला है कि मनीषा के पास 21 अलग-अलग बैंक खाते थे, जिनमें संदिग्ध रूप से 10 लाख रुपये जमा किए गए थे। इसके साथ ही अहिल्यानगर से धनंजय निवृत्ति लोखंडे को भी पकड़ा गया है। इन दोनों से मनी ट्रेल और बिचौलियों के नेटवर्क को लेकर पूछताछ की जा रही है।
राजस्थान पुलिस का दावा: 1000 कैंडिडेट्स तक पहुँची पहुँच
राजस्थान पुलिस की जांच में यह डरावना तथ्य सामने आया है कि लीक हुआ पेपर महज कुछ लोगों तक सीमित नहीं था, बल्कि यह कम से कम 1000 कैंडिडेट्स तक पहुँच चुका था। CBI अब उन 10 अन्य संदिग्धों (विक्रम यादव, योगेश प्रजापत आदि) से मिले इनपुट पर काम कर रही है, जिन्हें पूछताछ के बाद फिलहाल छोड़ा गया है, लेकिन वे जांच के घेरे से बाहर नहीं हैं।