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छिंदवाड़ा में भरे मंडप में दुल्हन ने प्रेमी के गले मे डाली वरमाला

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खाली हाथ लौटा दूल्हा, उमरेठ थाने में की शिकायत

The NewsBar | परासिया। थ्री इडियट फिल्म का दृश्य जिसमें कार गेट पर थी और दुल्हन वेदी छोडकर भाग जाती है… इसी से मिलता-जुलता सीन उमरेठ के मुजावर में दिखा। जब दुल्हन ने दूल्हे की जगह वरमाला अपने प्रेमी के गले में डाल दी। घटना 27 और 28 अप्रेल की दरमियानी रात की है। मंगलवार को उमरेठ थाने में शिकायत की गई। बुधवार को ये मामला चर्चाओं में आया।

अपना परिवार बसाने और नई जिंदगी शुरू करने का ख्वाब लेकर ब्याह करने निकले एक दूल्हे के सपने बिखर गए। भरे मंडप में वरमाला के समप दुल्हन ने वर के गले में वरमाला डालने की जगह अपने प्रेमी के गले में वरमाला डाल दी। प्रेमी से लिपट गई। पूरा पंडाल इस दौरान सन्न रह गया। अंततः दूल्हे ने विवाह करने से इंकार कर दिया और बारात वापस लौट गई। घटना की सूचना उमरेठ थाने में दी गई है। बारात परासिया से उमरेठ थाना क्षेत्र के मुजावर गई थी। बारात धूमधाम से लगी। बारात वधु पक्ष के घर पहुंचीं। आतिशबाजी की गई। इधर खाना चालू हो गयां। वरमाला की तैयारी शुरू हो गई। मंच पर दूल्हा आ गया। दुल्हन को भी मंच पर ला रहे थे। इस बीच युवती ने पंडाल में खडे एक युवक के गले में वरमाला डाल दी और उससे लिपट गई। पूरे पंडाल में सन्नाटा छा गया। वधु पक्ष के लोगों ने युवती और उस लडके पिटाई शुरू कर दी, जिसके गले में वरमाला डाली गई थी। इसके बाद दूल्हे ने विवाह से इंकार कर दिया।

लडकी को दी गई पैर पट्टी, अंगूठी और मोबाइल वापस लिया गया। बारात खाली हाथ लौट गई। लौटते समय वर पक्ष ने उमरेठ थाने में घटना की शिकायत की। बताया जा रहा है कि युवती के उस युवक से लंबे समय से प्रेम संबंध थे। युवती परिवार के दबाव में शादी के लिए मान गई। लेकिन एक विवाह के दिन उसने ये कदम उठा लिया। घटना से वर पक्ष को आर्थिक नुकसान हुआ। उनके मान सम्मान को ठेस पहुंचीं।

एक साल में दूसरा मामला
परासिया क्षेत्र में एक साल में ये दूसरा मामला है। इससे पहले खिरसाडोह के रायल प्लम लान में 22 और 23 फरवरी 2025 की रात ऐसा ही हुआ था। फेरे के समय दुल्हन बेहोश हो गई और फिर विवाह से इंकार कर दिया था। इस मामले में भी थाने में शिकायत की गई थी। रेलवे में कार्यरत दूल्हे को खाली हाथ लौटना पडा था।

दूल्हे के पास है कानूनी अधिकार
इस मामले में अधिवक्ता अनुराग जायसवाल ने कहा कि दूल्हे के पास कानूनी अधिकार है। वह धोखाधडी और मानसिक क्रूरता के आधार पर केस कर सकता है। सार्वजनिक अपमान और मानसिक प्रताडता के लिए भी सिविल डिफरमेसन का केस कर सकता है । शादी के लिए दिए गए पैसे सामान की लिस्ट बनाकर नोटिस भेज सकता है।

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