बीजिंग। अमेरिकी राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी से अंतरराष्ट्रीय विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति द्वारा भारत और चीन को ‘नरक जैसी जगह’ (hellhole) बताने वाले बयान पर चीन ने कड़ा जवाब दिया है।
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने ट्रंप के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शब्दों की चमक भले ही जल्दी फीकी पड़ जाए, लेकिन वास्तविक साझेदारी और विकास लंबे समय तक कायम रहते हैं।
🔹 क्या है पूरा मामला?
दरअसल, ट्रंप ने एक रेडियो शो होस्ट के कार्यक्रम का हवाला देते हुए भारत, चीन समेत कुछ देशों को ‘hellhole’ कहा था। इस टिप्पणी में उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से आव्रजन (immigration) और नागरिकता नीतियों की आलोचना की।
🔹 चीन का तीखा जवाब
चीनी प्रवक्ता यू जिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (पूर्व में ट्विटर) पर वीडियो साझा करते हुए कहा:
“वायरल शब्द फीके पड़ जाते हैं, लेकिन वास्तविक साझेदारी बनी रहती है।”
उन्होंने एक वीडियो में यह भी संदेश दिया कि:
- एक देश हर साल अंतहीन युद्धों पर भारी खर्च करता है
- जबकि चीन अपने नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने पर ध्यान देता है
इस बयान को अमेरिका पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी माना जा रहा है।
🔹 कूटनीतिक संदेश क्या है?
विशेषज्ञों के अनुसार, चीन ने इस प्रतिक्रिया के जरिए यह संकेत देने की कोशिश की है कि वैश्विक संबंध केवल बयानबाज़ी से नहीं, बल्कि आपसी सम्मान और विकास पर आधारित होते हैं।
🔹 भारत का जिक्र क्यों अहम?
ट्रंप के बयान में भारत का नाम शामिल होने से यह मामला भारत के लिए भी संवेदनशील हो गया है। हालांकि, भारत सरकार की ओर से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।