- सीएम डॉ. मोहन ने लिया मंत्रियों से एक-एक काम का हिसाब, जानें सरकार-संगठन के बीच क्या हुई बात?
- सीएम डॉ. यादव और संगठन पदाधिकारियों ने मंत्रियों से की वन-टू-वन चर्चा
- मंत्रियों से पूछा- चुनाव के समय जो वायदे किए, वो कहां तक पूरे हुए
- 18 मई को होगी 11 मंत्रियों-निगम मंडल अध्यक्षों की बैठक
- प्रदेश के मुखिया देंगे शासन-प्रशासन के मंत्र
THE NewsBar | भोपाल। मध्यप्रदेश में सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को मंत्रियों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से उनके विभागों, प्रभार वाले जिलों और चुनावी वादों की प्रगति पर एक-एक बिंदु पर जवाब मांगा। इस दौरान सरकार की योजनाएं जमीनी स्तर तक कितनी पहुंचीं और उनका क्या असर हुआ, इस पर भी चर्चा की गई।
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष , सह-संगठन पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं ने करीब 20 मंत्रियों के साथ वन-टू-वन चर्चा की। वहीं शेष 10-11 मंत्रियों और निगम-मंडल अध्यक्षों के साथ 18 मई को बैठक प्रस्तावित है।
मंत्रियों से पूछे गए ये अहम सवाल
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से कई महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी ली। इनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे—
- प्रभार वाले जिलों में कितने दौरे किए गए?
- स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और आंगनवाड़ियों की वर्तमान स्थिति क्या है?
- सरकार की योजनाओं और नीतियों का निचले स्तर तक कितना प्रभाव पहुंचा?
- विभागीय उपलब्धियां क्या रहीं?
- चुनाव के दौरान जनता से किए गए वादों की पूर्ति कितनी हुई?
मुख्यमंत्री ने यह भी जाना कि संबंधित जिलों में विकास कार्यों की गति कैसी है और प्रशासनिक व्यवस्था जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप काम कर रही है या नहीं।
संगठन ने भी जांचा सत्ता-संगठन का तालमेल
बैठक में संगठन पदाधिकारियों ने मंत्रियों से सरकार और संगठन के समन्वय को लेकर चर्चा की। इसमें संगठनात्मक बैठकों, जिलों में प्रवास, कार्यक्रमों में भागीदारी और स्थानीय कार्यकर्ताओं से संपर्क जैसे विषयों की समीक्षा की गई।
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बताया कि संगठन की दृष्टि से यह देखा गया कि मंत्रियों का प्रभार वाले जिलों में कितना सक्रिय जुड़ाव रहा और संगठनात्मक संरचना के साथ उनका समन्वय कैसा रहा।
चुनावी वादों और उपलब्धियों पर फोकस
बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु चुनावी घोषणाओं की प्रगति और सरकार की अपेक्षाओं के अनुरूप मंत्रियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन रहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से पूछा कि जनता से किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में विभागों ने क्या उपलब्धियां हासिल की हैं।
वर्चुअल बैठकों और संसाधन बचत पर जोर
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा ईंधन बचत, सार्वजनिक परिवहन के उपयोग, वर्चुअल बैठकें और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर दिए गए सुझावों को भी गंभीरता से लिया जा रहा है। इसी के तहत कई बैठकों को ऑनलाइन माध्यम से आयोजित करने पर विचार किया जा रहा है।
निगम-मंडल अध्यक्षों को मिलेगा प्रशासनिक मार्गदर्शन
18 मई को होने वाली बैठक में निगम-मंडलों के अध्यक्षों को शासन-प्रशासन से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन दिया जाएगा। मुख्यमंत्री उनसे संवाद कर जनसंपर्क, आचरण, कार्यशैली और प्रशासनिक संतुलन जैसे विषयों पर चर्चा करेंगे।
यह बैठक केवल विभागीय समीक्षा तक सीमित नहीं रही, बल्कि सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी बनाने, चुनावी वादों की प्रगति और संगठनात्मक मजबूती को लेकर एक व्यापक समीक्षा के रूप में सामने आई।