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मई में चौथी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता, फिर भी MP में पेट्रोल ₹114 के पार

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– 11 दिनों में चौथी बार बढ़ी कीमतें, आम जनता पर महंगाई की नई मार

कच्चे तेल में 5% गिरावट के बावजूद देश में ईंधन महंगा
– तेल कंपनियों ने कमाए ₹77 हजार करोड़ से ज्यादा, फिर भी बढ़े दाम

THE NewsBar | शुभम नांदेकर ।

देशभर में आम जनता को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है। सोमवार, 25 मई से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बड़ी बढ़ोतरी कर दी गई है। पिछले 11 दिनों में यह चौथी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। नई दरों के बाद मध्य प्रदेश में पेट्रोल की कीमत ₹114 प्रति लीटर के पार पहुंच गई है, जिससे आम लोगों के बजट पर सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है।

दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम करीब 5% तक गिरे हैं और कीमत घटकर 99.54 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। इसके बावजूद घरेलू बाजार में ईंधन महंगा होना चर्चा का विषय बना हुआ है।

11 दिनों में चार बार बढ़े दाम

महीनों तक स्थिर रहने के बाद 15 मई से शुरू हुई बढ़ोतरी अब लगातार जारी है-

तारीख बढ़ोतरी अनुमानित वृद्धि
15 मई 2026 पहली बार करीब ₹3 प्रति लीटर
19 मई 2026 दूसरी बार करीब 90 पैसे
23 मई 2026 तीसरी बार 87-91 पैसे
25 मई 2026 चौथी बार ₹2.61 से ₹2.71 प्रति लीटर

सोमवार सुबह 6 बजे से लागू नई दरों के बाद दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पहुंच गया है। मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में भी कीमतों में बड़ा इजाफा दर्ज किया गया।

MP और CG में स्थिति

मध्य प्रदेश में पेट्रोल की कीमतें देश के महंगे राज्यों में शामिल हो गई हैं।

शहर पेट्रोल डीजल
भोपाल ₹114.32 ₹99.56
इंदौर ₹114.31 ₹99.61
जबलपुर ₹111.68 ₹96.87
बिलासपुर ₹117.39 ₹102.00

तेल कंपनियों ने कमाया रिकॉर्ड मुनाफा

ईंधन कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बीच सरकारी तेल कंपनियों के मुनाफे के आंकड़े भी सामने आए हैं। जनवरी से मार्च 2026 तिमाही में IOC, HPCL और BPCL ने मिलकर करीब ₹19,470 करोड़ का शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 40.74% अधिक बताया जा रहा है।

पूरे वित्तीय वर्ष 2025-26 में इन तीनों कंपनियों का संयुक्त मुनाफा बढ़कर ₹77,280 करोड़ से ज्यादा पहुंच गया। रिपोर्ट्स के अनुसार वैश्विक उतार-चढ़ाव और युद्ध जैसे हालातों के बावजूद कंपनियों को मजबूत रिफाइनिंग और मार्केटिंग मार्जिन का लाभ मिला।

आम जनता पर पड़ेगा सीधा असर

डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि का असर सिर्फ वाहनों तक सीमित नहीं रहेगा। मालभाड़ा बढ़ने से दूध, ब्रेड, फल, सब्जियां और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम भी बढ़ सकते हैं। ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर बढ़ते खर्च का बोझ आखिरकार आम उपभोक्ता तक पहुंचेगा।

एक तरफ अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता हो रहा है और दूसरी तरफ देश में पेट्रोल-डीजल महंगा हो रहा है, ऐसे में लोगों के बीच यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि राहत आखिर कब मिलेगी।

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