शक्ति सदन के अनुदान प्रस्तावों में लापरवाही, बार-बार निर्देशों के बावजूद नहीं भेजी गई पूर्ण जानकारी; महिला एवं बाल विकास विभाग ने किया निलंबित
THE NewsBar | भोपाल/पांढुर्णा। महिला एवं बाल विकास विभाग ने पांढुर्णा की प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी मोनिका बिसेन को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उस समय की गई जब सौंसर स्थित अशासकीय संस्था भारतीय आदिम जाति सेवक संघ द्वारा संचालित शक्ति सदन को दो वर्षों से अनुदान राशि नहीं मिलने का मामला राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के संज्ञान में पहुंच गया।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 के अनुदान प्रस्ताव मोनिका बिसेन द्वारा कलेक्टर की अनुशंसा और आवश्यक दस्तावेजों के बिना संचालनालय को भेजे गए थे। इस संबंध में संचालनालय ने मार्च 2025 से लेकर जनवरी 2026 तक कई बार पत्र जारी कर संस्था के संचालन, अनुदान प्रस्तावों की सत्यापन प्रक्रिया तथा कलेक्टर की स्पष्ट अनुशंसा के साथ प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए थे।
संचालनालय ने यह भी निर्देशित किया था कि यदि शक्ति सदन का संचालन निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं हो रहा है तो संस्था को बंद करने का प्रस्ताव भेजा जाए तथा वहां निवासरत महिलाओं को अन्य आश्रय गृहों में स्थानांतरित करने के संबंध में स्पष्ट अभिमत प्रस्तुत किया जाए। इसके बावजूद संबंधित निर्देशों का पालन नहीं किया गया।
विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार, 29 जनवरी 2026 को मोनिका बिसेन को व्यक्तिगत रूप से संचालनालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुईं। इसके बाद 1 अप्रैल 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जिसका जवाब भी उन्होंने अत्यधिक विलंब से 22 मई 2026 को प्रस्तुत किया।
इसके बाद 5 जून 2026 को अनुदान प्रस्ताव भेजे गए, लेकिन उनमें भी कई कमियां पाई गईं। संचालनालय ने 6 जून 2026 को कमियों की पूर्ति कर संशोधित प्रस्ताव तत्काल भेजने के निर्देश दिए थे। समीक्षा बैठक में भी उन्हें इस संबंध में अवगत कराया गया, लेकिन आज तक संशोधित प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किए गए।
विभाग ने माना कि लगातार लापरवाही और निर्देशों की अवहेलना के कारण संस्था को दो वर्षों तक अनुदान नहीं मिल सका, जिससे मामला राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग तक पहुंच गया। इसी को गंभीर प्रशासनिक चूक मानते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग ने मोनिका बिसेन के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, मामले की आगे विस्तृत जांच भी की जाएगी, जिसके आधार पर अन्य प्रशासनिक कार्रवाई की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।