THE NewsBar | पटना। बिहार की राजनीति में बांकीपुर विधानसभा सीट को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। ने मीडिया से बातचीत में साफ संकेत दिए हैं कि जन सुराज पार्टी बांकीपुर उपचुनाव पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी और इसे प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में लड़ेगी।
प्रशांत किशोर ने कहा कि बांकीपुर विधानसभा सीट पिछले करीब 40-45 वर्षों से भाजपा का मजबूत गढ़ रही है, लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं। उन्होंने कहा कि यहां के विधायक के पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह सीट भाजपा के लिए और भी महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में जन सुराज इस चुनाव को सिर्फ उपचुनाव नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश देने वाले मुकाबले के रूप में देख रही है।
उन्होंने कहा, “भाजपा को उसके ही इलाके में चुनौती देने के लिए जन सुराज हर संसाधन, रणनीति और संगठनात्मक ताकत का उपयोग करेगी। यह लड़ाई पूरी मजबूती के साथ लड़ी जाएगी।”
क्या खुद चुनाव लड़ेंगे प्रशांत किशोर?
जब मीडिया ने उनसे पूछा कि क्या वे खुद बांकीपुर से चुनाव मैदान में उतरेंगे, तो उन्होंने सीधा जवाब देने से बचते हुए कहा कि “जो कुछ भी करना पड़ेगा, वह किया जाएगा।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि क्या प्रशांत किशोर खुद चुनावी राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने जा रहे हैं।
बांकीपुर सीट क्यों बनी चर्चा का केंद्र?
को बिहार की सबसे चर्चित और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली सीटों में माना जाता है। लंबे समय से यहां भाजपा का प्रभाव रहा है। ऐसे में यदि जन सुराज इस सीट पर आक्रामक रणनीति अपनाती है, तो यह मुकाबला सीधे तौर पर BJP बनाम जन सुराज की प्रतिष्ठा की लड़ाई बन सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि प्रशांत किशोर खुद मैदान में उतरते हैं, तो यह उपचुनाव बिहार की राजनीति की दिशा तय करने वाला मुकाबला साबित हो सकता है।
फिलहाल जन सुराज की रणनीति और उम्मीदवार को लेकर अंतिम फैसला बाकी है, लेकिन प्रशांत किशोर के बयान ने बांकीपुर उपचुनाव को लेकर सियासी तापमान जरूर बढ़ा दिया है।